अब गैंगवार तय, अर्जुन ठाकुर पर मुकदमा दर्ज करवाकर समझौते के लिए संतुलन बनाया

ए.के. सिंह और अन्य ने मुकदमे के बाद दबाव डालकर करवाई कार्यवाही

इंदौर। शराब कांड में पिछले दिनों हुई गोलीबारी के बाद कल अर्जुन ठाकुर के खिलाफ ए.के. सिंह और पिंटू भाटिया ने पूरी ताकत लगाकर गांधीनगर अहाते में हुई मारपीट के मामले में वकीलों के माध्यम से पुलिस विभाग में जानकारी प्रस्तुत कर अंतत: मुकदमा दर्ज करवा दिया। अब इस मुकदमे के बाद अभी हेमू ठाकुर पुलिस की पकड़ के बाहर है तो दूसरी ओर अब शहर में शराब की ठेकेदारी को लेकर बड़े गैंगवार की स्थिति पैदा हो गई है। वहीं शराब ठेकों में कंपनी बनाकर शामिल हुए सभी ठेकेदार अब अपनी-अपनी दुकानें लेकर अलग होने की तैयारी शुरू कर रहे है। संतोष रघुवंशी जो अर्जुन ठाकुर के साथ कई जगह पार्टनर है ने यह सूचना दे भी दी है। दूसरी ओर इन विवादों के चलते पिछले दो माह में ही 100 करोड़ से ज्यादा का घाटा हो जाएगा जो अगले महीने तक बढ़कर 150 करोड़ पहुंचने के बाद ठेकेदारों में भी बड़ा विवाद शुरू हो जाएगा। अर्जुन ठाकुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के पीछे राजनीति यह है कि अब समझौते में दिक्कत नहीं है। पूरे मामले में पुलिस केवल मदारी की तरह ही डमरू बजा रही है।
शराब ठेकों में गोलीकांड को लेकर पुलिस हेमू ठाकुर को लेकर गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। हेमू ठाकुर पर 20 हजार का ईनाम घोषित है और वह नेपाल फरार हो गया है। दूसरी ओर जिस वीडियो को लेकर अर्जुन ठाकुर व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। यह वीडियो ए.के. सिंह ने ही वकील के माध्यम से रवि यादव और मोहन के बयान देने के बाद मुकदमा दर्ज करवाया गया। इसी के साथ अब अर्जुन ठाकुर और संतोष रघुवंशी को रोकने के लिए यह काम किया गया है। जो बातें सामने आ रही है उसके अनुसार हेमू ठाकुर गांधी नगर अहाते का चार्ज लेना चाहता था। पहले भी यह अहाता हेमू ठाकुर के पास ही था। दो साल से कंपनी बनने के बाद यहां से उसका कब्जा खत्म हो चुका था और इसे हथियाने के लिए ही हेमू ठाकुर ने अहाता मांगा। इस अहाते को मोहन ठाकुर चला रहे थे। विवाद बढ़ने के बाद हेमू ठाकुर को कंपनी बुलाया गया था। जहां पर पहले से ही पिंटू भाटिया, मुकेश शिवहरे यहां मौजूद थे और इन्हें खबर लग गई थी कि अर्जुन ठाकुर और सतीश भाऊ के लोगों ने बुरी तरह से रवि और मोहन को मारा था। और इसी कारण कंपनी आफिस पर गोलीबारी हुई। अब शहर में तीन गिरोह बन गए है जिनके बीच कभी भी गैंगवार की स्थिति बन सकती है। एक गिरोह में संतोष रघुवंशी और अर्जुन ठाकुर है, दूसरे में हेमू ठाकुर है और तीसरे में सतीश भाऊ जो खुद ही अपनी ताकत के आधार पर काम कर रहे है।

अभी तक बैंक ग्यारंटी नहीं दी
शराब ठेकों के एक माह बाद भी ठेकेदारों पर आबकारी विभाग की मेहरबानी बनी हुई है। एक माह बाद भी कंपनी ने किसी भी प्रकार की बैंक ग्यारंटी नहीं दी है और विवाद के चलते अब बैंक ग्यारंटी भी उलझ जाएगी। दूसरी ओर शराब ठेकों में घाटा बढ़कर 100 करोड़ से 150 करोड़ के पार हो जाएगा। इसे भी लेकर ठेकेदारों में जमकर खींचतान होने वाली है।

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