अब दलालों को खदेडऩा शुरू करेगा आरटीओ
कर्मचारी ने सहयोग किया तो वह भी नहीं बचेगा

इंदौर। दलालों द्वारा कल मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट की गई थी। इस घटना को आरटीओ ने गंभीरता से लिया है। अब परिसर में प्रवेश करने से दलालों को रोका जाएगा। परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से दलालों पर रोजाना नजर रखी जाएगी। प्रवेश किया तो उनके खिलाफ खुद आरटीओ पुलिस कार्रवाई की अनुशंसा करेगा। यही नहीं, दलालों से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी। कर्मचारियों ने दलालों का काम किया तो उनके खिलाफ भी विभागीय जांच के साथ अन्य कार्रवाई की जाएगी।
कल हुए घटनाक्रम की सारी जानकारी परिवहन आयुक्त तक पहुंच चुकी है। आयुक्त ने घटना की पुनरावृत्ति रोकने के आदेश आरटीओ प्रदीप शर्मा को दिए हैं। वहीं एवजियों, दलालों को बाहर करने की कार्रवाई की जाए। सोमवार से कोई भी दलाल, एवजी आरटीओ परिसर में प्रवेश करता नजर नहीं आना चाहिए। दलाल दिखाई दे तो उसके खिलाफ तत्काल तेजाजी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। दलालों का आरटीओ में दखल अधिक बढ़ गया था। इसके चलते आरटीओ ने अपनी अधिकांश सेवाएं आनलाइन कर दी।
इसके बावजूद, दिनभर आरटीओ में दलाल और एवजी सक्रिय रहकर कर्मचारियों की सांठगांठ से काम कराते हैं। यहां तक की दो और चार पहिया वाहन का ट्रायल भी दलालों द्वारा कराया जाता है। सूत्रों ने बताया कि ट्रायल के लिए जो लोग बगैर वाहन लेकर आते हैं, उन्हें दलाल पैसे लेकर वाहन उपलब्ध कराते हैं। साथ ही ट्रायल में सहयोग भी करते हैं। इसके चलते कई बार जिन चालकों को वाहन चलाना नहीं आता, वे भी ट्रायल में पास होकर पक्का लायसेंस बनवा लेते हैं। ऐसे वाहन चालक द्वारा सडक़ हादसे भी किए जाते हैं। दलालों का संरक्षण कर्मचारियों के अलावा बाहर बैठने वाले फोटोकापी वालों और प्रदूषण जांच केन्द्र वालों से भी है। दलाल द्वारा बताए गए फोटोकापी वाले से भी चालक को काम कराने का दबाव बनाया जाता है। कई बार फोटोकापी वाले भी दलालों के लिए काम लेते हैं।